स्वावलम्बन व संवेदना का संगम महामानव रज्जू भैया
प्रो फेसर राजेन्द्र सिंह, जिन्हें दुनिया आदर से ‘रज्जू भैया’ कहती है, का जीवन इस बात का ज्वलन्त प्रमाण है कि सच्बा बड़प्पन पद या प्रतिष्ठा में नहीं, बल्कि स्वभाव…
“न कोई घर रहेगा, न घरवाला, न घरवाली,आखेट युग आ गया है”- विद्यानिवास मिश्र जी
डॉ. विद्यानिवास मिश्र “न कोई घर रहेगा, न घरवाला, न घरवाली/ सब होंगे आखेटक/ सब होंगे आखेट / आखेट युग आ गया है, जहाँ घर नहीं होते।” ये कहना था…
“योगीराज देवराह बाबा : तप, त्याग और राष्ट्रचेतना के महान संत”
भारत की संत-परंपरा में योगीराज देवराह बाबा का स्थान अत्यंत विशिष्ट और अद्वितीय है। वे केवल एक योगी या तपस्वी नहीं थे, बल्कि जीवंत आध्यात्मिक चेतना के प्रतीक थे। उनका…
संघ शताब्दी – राष्ट्रीय संकट के समय दिया एकजुटता का संदेश
1962 के भारत-चीन युद्ध को हम आज भी भूल नहीं पाते हैं। चीन ने भारत के विश्वास का कत्ल किया था। ‘हिन्दी-चीनी, भाई-भाई’ के नारे को धुंए में उड़ाकर चीन…
वचनेश त्रिपाठी की लेखनी केवल शब्द नहीं, क्रान्ति की जलती मशाल थी
वचनेश त्रिपाठी की लेखनी केवल शब्द नहीं, क्रान्ति की जलती मशाल थी, जिसने हिन्दूत्व और भारतीय इतिहास को भाव, सत्य और तेज से जीवन्त किया। उनका सम्पादन राष्ट्रबोध की साधना…
भारत को समझने के लिए संस्कृत भाषा को भी समझना होगा – भय्याजी जोशी
पुणे, 22 जनवरी 2026। संस्कृत भारती पश्चिम महाराष्ट्र प्रांत की ओर से आयोजित 10 संस्कृत पुस्तकों के लोकार्पण कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य भय्याजी जोशी…
धर्म हमें करणीय व अकरणीय का ज्ञान देता है – डॉ. मोहन भागवत जी
ग्रंथ, शास्त्र और संतों की वाणी हमारी समझ और सामर्थ्य को बढ़ाते हैं – आचार्य महाश्रमण जी नागौर, 22 जनवरी 2026। जिले के छोटी खाटू कस्बे में 162वें मर्यादा महोत्सव…
गुणों का सागर थे अशोकराव मोडक – दत्तात्रेस होसबाले जी
मुंबई, 21 जनवरी 2026। प्राचार्य बी. एन. वैद्य सभागार, दादर पूर्व में तत्वचिंतक और संगठक, अभाविप के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा पूर्व विधायक श्रद्धेय स्व. डॉ. अशोकराव मोडक की स्मृति…
अयोध्या को मिली अनमोल विरासत… राम कथा म्यूजियम को भेंट की गई रामायण की 233 साल पुरानी पांडुलिपि….
राम नगरी अयोध्या को भारतीय सांस्कृतिक विरासत की एक ऐतिहासिक सौगात मिली है. वाल्मीकि रामायण की 233 वर्ष पुरानी दुर्लभ संस्कृत पांडुलिपि को राम कथा म्यूजियम को भेंट किया गया…
देशहित किसी का एकाधिकार नहीं, हम सबका सामूहिक उत्तरदायित्व है – डॉ. मोहन भागवत जी
राजकोट, 20 जनवरी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने आज संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त राजकोट में आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में सौराष्ट्र-कच्छ के प्रबुद्ध नागरिकों…









